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India-Vietnam Summit 2026: दिल्ली में भारत और वियतनाम की अहम बैठक, जनजातीय समुदायों के उत्थान के लिए बना ‘मास्टर प्लान’

भारत और वियतनाम के बीच नई दिल्ली में एक बड़ी मंत्री-स्तरीय बैठक हुई. बैठक की अध्यक्षता भारत के जनजातीय मंत्री जुएल उरांव और वियतनाम के मंत्री दाओ न्गोक डुंग ने की. दोनों देशों का लक्ष्य अपने आदिवासी और जनजातीय समुदायों के विकास के लिए एक-दूसरे के अनुभवों और नीतियों को साझा करना है. पहले सचिव स्तर पर जो खाका तैयार किया गया था, अब उसे मंत्रियों ने मंजूरी देकर सहयोग को और मजबूत कर दिया है. दोनों देश अपने जनजातीय इलाकों में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की बेहतरी के लिए मिलकर काम करेंगे.

बैठक की शुरुआत में दोनों देशों के मंत्रियों ने एक-दूसरे को यादगार तोहफे भेंट किए. केंद्रीय मंत्री जुएल उरांव ने बताया कि भारत और वियतनाम का रिश्ता भगवान बुद्ध की शिक्षाओं और पुरानी सभ्यताओं से जुड़ा है. उन्होंने वियतनाम में बुद्ध के पवित्र अवशेषों की प्रदर्शनी को मिली अपार सफलता का भी जिक्र किया. भारत ने वियतनाम को अपना एक बेहद महत्वपूर्ण साथी बताया.

इसके साथ ही, ‘भारत ट्राइब्स फेस्ट 2026’ में वियतनाम की भागीदारी की भी सराहना की. दरअसल, यह पूरी चर्चा प्रधानमंत्री के उस विजन पर आधारित थी, जिसमें विरासत को बचाने और दुनिया भर के देशों के साथ मिलकर तरक्की करने पर जोर दिया गया है.

भारत-वियतनाम व्यापक रणनीतिक साझेदारी के 10 साल पूरे

भारत और वियतनाम ने अपनी व्यापक रणनीतिक साझेदारी के 10 साल पूरे होने पर खुशी जताई और इसे सांस्कृतिक-आपसी रिश्तों के जरिए और मजबूत करने का संकल्प लिया. वियतनाम ने अपने विकास में भारत की मदद की सराहना की और अपने सभी 54 जातीय समूहों के विकास के प्रति प्रतिबद्धता दिखाई. दोनों देशों ने खेती, शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और जनजातीय समुदायों के कल्याण जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करने और एक-दूसरे के अनुभवों का लाभ उठाने पर सहमति जताई.

दोनों देशों ने अपने जनजातीय समुदायों के विकास के लिए प्रतिबद्ध

भारत और वियतनाम ने मंत्रालयों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए ‘सहयोग ज्ञापन’ (MoC) के मसौदे की समीक्षा की, जिसे वियतनाम ने अपनी मंजूरी दे दी है. इसके जल्द ही पूरा होने की उम्मीद है. इस अवसर पर वियतनाम ने केंद्रीय मंत्री जुएल उरांव को समझौते पर हस्ताक्षर के लिए वहां आने का न्यौता भी दिया. उरांव ने भारत की ओर से पूरा समर्थन देने का भरोसा दिलाया और कहा कि आपसी विश्वास ही इस साझेदारी की असली ताकत है. दोनों देशों ने अपने जनजातीय समुदायों के सतत विकास के लिए मिलकर काम करने का विश्वास जताया.