ब्रेकिंग
Operation Sankalp to Urja Suraksha: ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारतीय नौसेना का सबसे खतरनाक और बड़ा रेस... Delhi Terror Plot: पाकिस्तान से रची जा रही दिल्ली दहलाने की साजिश; ISI समर्थित TTH मॉड्यूल के 8 आतंक... Manipur Encounter: भारतीय सेना और असम राइफल्स की बड़ी कार्रवाई; चुराचांदपुर में UKNA उग्रवादी ढेर India-USA Relations: गृह मंत्री अमित शाह और अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की बैठक; आतंकवाद और ड्रग्स तस... NEET Paper Leak News: 'पेपर लीक रोकने के उपाय या कॉमेडी सर्कस?' नीट विवाद पर केजरीवाल का केंद्र सरका... Doctor Kills Domestic Help: दिल्ली के पॉश इलाके में सनसनी; डॉक्टर के घर काम करने वाली महिला की हत्या... Shiv Sena UBT Crisis: उद्धव ठाकरे की बैठक से 6 सांसद नदारद; क्या टूटने वाली है शिवसेना UBT? जानें का... Bihar Heli Tourism: पटना से अब राजगीर, कैमूर और वाल्मीकिनगर तक होगी हवाई यात्रा; जानें किराया और पर्... Ranchi Police Encounter: आरएसएस कार्यालय हमला केस का मुख्य आरोपी घायल; हथियार छीनकर भागने की कोशिश म... MP Archaeological Survey: पुजारी के निजी संग्रह से मिला झांसी रियासत का बैज और दुर्लभ सामूहिक चित्र;...

Naxalites Transformation: नक्सलवाद का रास्ता छोड़ अब आत्मनिर्भर बन रहे पूर्व नक्सली, हाथों में बंदूक की जगह आई सिलाई मशीन; देखें प्रेरणादायक कहानी

बालाघाट : एक समय बंदूक से गोलियां दागने वाले पूर्व नक्सली नए जीवन की शुरुआत करने में लगे हैं. जिन हाथों में बंदूक होती थी, अब उन हाथों ने सिलाई मशीन है. बालाघाट में आत्मसमर्पित नक्सलियों को कौशल उन्नयन के तहत पुलिस लाइन में प्रशिक्षण दिया जा रहा है. बालाघाट पुलिस लाइन में पूर्व नक्सली प्रशिक्षण ले रहे हैं.

नए सपने बुनने में जुटे पूर्व नक्सली

बालाघाट में आत्मसमर्पित नक्सली सिलाई का काम सीख कर भरोसे के धागे से सिलकर अपनी जिंदगी को व्यवस्थित करने में लगे हैं. उनके इस काम में बालाघाट पुलिस की अहम भुमिका है, जिनके मार्गदर्शन में अब हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटे नक्सलियों ने नया जीवन शुरू किया है. सरकार की सकारात्मक सोच और पुलिस फोर्स के भरोसे की बदौलत पूर्व नक्सली जीवन के नए सपने बुनने में जुटे हैं.

मुख्यधारा से जुड़ने लगे पूर्व नक्सली

नक्सलियों के आत्मसमर्पण के बाद सरकार का मुख्य उद्देश्य इन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है. इसी को लेकर इन्हें सरेंडर नीति के तहत लाभ देते हुए आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल विकसित किया जा रहा है. आत्मसमर्पण कर चुके पूर्व नक्सली सिलाई मशीन चलाने का कार्य सीख रहे हैं. कुछ ने जेसीबी मशीन चलाना सीखने की मंशा जाहिर की है.

सब इंस्पेक्टर राजाराम विश्वकर्मा ने बताया “कुल 14 आत्मसमर्पित नक्सली वर्तमान में सिलाई का कार्य सीख रहें है, जो पेंट-शर्ट, ब्लाउज के अलावा सिलाई की बेसिक जानकारियां हासिल कर रहें हैं. शुरूआती दौर में भाषा की बाधा आड़े आई लेकिन आपसी मेलजोल और समझ से ये परेशानी हल कर ली गई है.”

कुछ पूर्व नक्सलियों ने जेसीबी चलाने की मंशा जाहिर की

बालाघाट पुलिस अधिक्षक आदित्य मिश्रा ने बताया “मध्य प्रदेश सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति के तहत कौशल उन्यन के बिंदु पर कार्य करते हुए नक्सलियों की अभिरुचि के अनुरूप उन्हें सिलाई कार्य का प्रशिक्षण पुलिस लाइन में दिया जा रहा है. नवाचार के तौर पर इन्हें पुलिस जवानों की वर्दी सिलने का कार्य दिया जाएगा. इसका पारिश्रमिक भी पूर्व नक्सलियों को दिया जाएगा. कुछ नक्सलियों ने जेसीबी ड्राइविंग सीखने की भी इच्छा जाहिर की है, उस दिशा में भी कार्य किया जाएगा.”

नये काम सीखने को उत्साहित पूर्व नक्सली

सरकार की सकारात्मक सोच के चलते हिंसा के रास्ते को छोड़ अब नक्सली समाज की मुख्यधारा से जुड़ कर अपने जीवन की नई कहानी लिखने जा रहें हैं. कभी जंगलों की खाक छानते हुए भटकते फिरते नक्सलियों के हाथों में बंदूकों की जगह अब सिलाई मशनी देखने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली है तो पूर्व नक्सली भी खुश दिख रहे हैं.