ब्रेकिंग
IND vs AFG ODI Series: भारतीय पेसर्स का घातक हथियार 'शॉर्ट बॉल'; अफगानिस्तान की हार का सबसे बड़ा कारण Sanchita Ugale Death: 22 साल की एक्ट्रेस के निधन पर करणवीर बोहरा का बड़ा बयान; टीवी इंडस्ट्री के 'कड़व... G-7 Summit Viral Video: इटली की पीएम जियोर्जिया मेलोनी की बेटी का वीडियो वायरल; कैमरे के सामने शर्मा... LPG Price Update: रसोई गैस की कीमतों में बड़ा अंतर; जानें मुंबई से लेह तक क्या है आपके सिलेंडर का रे... Petrol Diesel Price Today: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बाद क्या सस्ते हुए पेट्रोल-डीजल? जानें ... Nirjala Ekadashi 2026: इस बार निर्जला एकादशी पर बन रहे 4 दुर्लभ महासंयोग; जानें शुभ मुहूर्त और पूजा ... Monsoon Skin Care: ऑयली स्किन से हैं परेशान? मानसून में चिपचिपाहट दूर करने के असरदार घरेलू उपाय Telegram Ban & VPN: NEET परीक्षा से पहले टेलीग्राम पर पाबंदी, यूजर्स VPN के जरिए लगा रहे जुगाड़ Tonk Murder Case: चांदी के गहनों के लालच में पड़ोसन की बेरहमी से हत्या; 10 थानों की पुलिस ने ऐसे पकड़ा... Sitapur Crime News: वैवाहिक विज्ञापनों के जरिए 25 महिलाओं को बनाया शिकार; करोड़ों की ठगी करने वाला अन...

Assembly Election 2026 Dates: पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की घोषणा, बंगाल में इतने चरणों में मतदान; देखें असम, केरल और तमिलनाडु का पूरा शेड्यूल

चुनाव आयोग ने रविवार को पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु, असम और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया. पश्चिम बंगाल में दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को, असम, केरल और पुडुचेरी में नौ अप्रैल को और तमिलनाडु में 23 अप्रैल को मतदान होगा. सभी चार राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेशों में मतगणना चार मई को एक साथ होगी.

इसके साथ ही गोवा, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, नागालैंड और त्रिपुरा में उपचुनाव 9 अप्रैल और 23 अप्रैल को होंगे.गोवा, कर्नाटक., नागालैंड और त्रिपुरा 9 अप्रैल को महाराष्ट्र और गुजरात में 23 अप्रैल को विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होंगे.

चुनाव का ऐलान करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि 17.4 करोड़ इन राज्यों में मतदाता हैं. इन राज्यों में SIR का काम बहुत अच्छा हुआ है. 824 विधानसभा सीट इन राज्यों में हैं.

इन चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में वोटर लिस्ट में खास तौर पर बड़े पैमाने पर बदलाव का काम पहले ही पूरा हो चुका है, और फाइनल वोटर रोल पब्लिश हो चुके हैं.

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी के साथ 10 मार्च को चुनाव की तैयारियों का रिव्यू करने के लिए पश्चिम बंगाल गए थे. उन्होंने चुनाव की तैयारी कर रहे दूसरे राज्यों का भी दौरा किया.

बंगाल में दो चरणों में मतदान

पश्चिम बंगाल की विधानसभा में 294 सीटें हैं, जिसमें मुख्य मुकाबला सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच है. ममता बनर्जी की नेतृत्व वाली टीएमसी 2011 से राज्य पर राज कर रही है. बंगाल में दो चरणों में होगी.

वोटिंग 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होगी. चार मई को मतगणना होगी. पश्चिम बंगाल पहले फेज में 152 और दूसरे फेज में 142 सीटों पर मतदान होगा.

असम में नौ अप्रैल को मतदान

असम में मौजूदा बीजेपी की लीडरशिप वाली एनडीए सरकार और कांग्रेस के बीच 126 असेंबली सीटों के लिए मुकाबला होगा. असम में एक चरण में नौ अप्रैल को होगी. मतगणना 4 मई को होगी.

केरलम में नौ अप्रैल को मतदान

केरलम में, 140 सीटों के लिए लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) के बीच मुख्य मुकाबला है. बीजेपी के नेतृत्व वाला नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) भी चुनाव लड़ रहा है, जिसमें BJP का लक्ष्य लगभग 100 सीटें जीतना है और उसके सहयोगी भारत धर्म जन सेना (BDJS) और ट्वेंटी 20 गठबंधन के हिस्से के रूप में बाकी 40 सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं.केरल में मतदान नौ अप्रैल को होगी. मतगणना 4 मई को होगी.

तमिलनाडु में 234 सीटों पर 23 अप्रैल को मतदान

तमिलनाडु की 234 विधानसभा सीटों पर प्रचार अभियान तेज हो गया है और पार्टियां अपने गठबंधनों में सीट-शेयरिंग की व्यवस्था को अंतिम रूप दे रही हैं. तमिलनाडु में 23 अप्रैल एक चरण में मतदान होगा और 4 मई को मतगणना होगी.

पुडुचेरी में 30 सीटों पर नौ अप्रैल को मतदान

पुडुचेरी अपनी 16वीं विधानसभा के सभी 30 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए चुनाव कराएगा. कांग्रेस DMK और CPI के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ रही है, जबकि विपक्ष में ऑल इंडिया NR कांग्रेस, BJP और AIADMK शामिल हैं. पुडुचेरी में मतदान नौ अप्रैल को होगी और चार मई को मतदान होगा.

स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान पर चुनाव आयोग का जोर

ECI ने इस महीने की शुरुआत में पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में आने वाले विधानसभा चुनावों के लिए चुनाव तैयारियों की समीक्षा की. कमीशन ने संविधान के आर्टिकल 324 और रिप्रेजेंटेशन ऑफ़ द पीपल एक्ट, 1951 के सेक्शन 20B से मिली पूरी शक्तियों के तहत सेंट्रल ऑब्जर्वर नियुक्त किए, ताकि वे स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने में मदद कर सकें और फील्ड लेवल पर चुनाव मैनेजमेंट की देखरेख कर सकें.