ब्रेकिंग
बंगाल चुनाव 2026 के लिए BJP का 'मास्टरप्लान': 85 मुस्लिम बहुल सीटों के लिए तैयार की अलग रणनीति, ममता... जम्मू-कश्मीर में आतंकी घुसपैठ का बड़ा खतरा: सीमा पार 70 से ज्यादा आतंकी सक्रिय, खुफिया एजेंसियों ने ... Shahbaz Confession Wife Murder Case: ‘मैं कहकशा को पसंद नहीं करता था...’, शादी के 4 महीने बाद ही शहब... झारखंड में भी 'शीश महल' पर रार! हेमंत सोरेन के आवास पर बीजेपी नेता का बड़ा आरोप, क्या केजरीवाल की रा... उत्तराखंड की नई पहचान! टिहरी झील को स्पोर्ट्स और टूरिज्म केंद्र बनाने के लिए ₹1300 करोड़ की बड़ी योज... दिल्ली में 'फांसी घर' विवाद: केजरीवाल ने भाजपा को घेरा, बोले- स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान का मजाक... Tarun Murder Case: दिल्ली: उत्तम नगर में तरुण की हत्या के बाद भारी बवाल; उग्र भीड़ ने फूंकी कारें, इ... UPSC रिजल्ट में हरियाणा के एकांश ढुल ने गाड़े सफलता के झंडे; हासिल की ऑल इंडिया तीसरी रैंक, CM सैनी ... महाराष्ट्र में किसानों की बल्ले-बल्ले! फडणवीस सरकार ने किया कर्जमाफी का ऐलान, जानें किन किसानों को म... Stock Market Crash Today: शेयर बाजार लहूलुहान! कच्चे तेल की कीमतों ने बिगाड़ा खेल, मात्र 6 घंटे में ...

विदेश जाने का सपना पड़ा भारी! कुरुक्षेत्र का युवक जेल जाने के बाद भारत डिपोर्ट, कबूतरबाजी के जाल में फंसा परिवार

कुरुक्षेत्र : हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के एक युवक को एजेंट द्वारा वर्क वीजा का झांसा देकर गलत दस्तावेजों पर इंग्लैंड भेजने का मामला सामने आया है। आरोप है कि एजेंट ने युवक के परिवार से करीब 18 लाख रुपये भी ठग लिए। इंग्लैंड पहुंचते ही युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और दो महीने जेल में रखने के बाद उसे भारत डिपोर्ट कर दिया गया।

मामले में राजबीर सिंह निवासी गांव मंगौली जाटान ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि आरोपी एजेंट दर्शन लाल ने उसके साले सतप्रकाश के बेटे मोहित को इंग्लैंड में वर्क परमिट पर नौकरी दिलाने का झांसा दिया था। दिसंबर 2023 में उन्होंने मोहित का पासपोर्ट और एक लाख रुपये नकद एजेंट को दे दिए थे। इसके बाद लाडवा में 50 हजार रुपये और दिए गए।

शिकायतकर्ता के अनुसार कुछ समय बाद एजेंट ने फोन कर बताया कि मोहित इंग्लैंड पहुंच गया है और बाकी पैसे जमा करवाने को कहा। इस पर परिवार ने करीब 16.50 लाख रुपये और नकद दे दिए। लेकिन बाद में पता चला कि आरोपी ने मोहित को वर्क वीजा की बजाय सीडीसी (सीमेन डॉक्यूमेंट सर्टिफिकेट) पर भेजा था, जो जहाजों पर काम करने के लिए होता है। इंग्लैंड के एयरपोर्ट पर उतरते ही अधिकारियों ने मोहित को गिरफ्तार कर लिया और उसे जेल भेज दिया। करीब दो महीने बाद उसे डिपोर्ट कर भारत वापस भेज दिया गया।

पीड़ित परिवार ने जब अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपी टालमटोल करने लगा। बाद में उसने अप्रैल 2025 में 18 लाख रुपये का चेक दिया, लेकिन वह बैंक में लगाने पर बाउंस हो गया। इसके बाद आरोपी ने कार्रवाई के डर से 6 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए, जबकि बाकी पैसे लौटाने से इनकार कर दिया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी एजेंट के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।