ब्रेकिंग
झीरम घाटी पर विजय शर्मा: "शहीद कांग्रेस नेताओं को जवान दे रहे सच्ची श्रद्धांजलि", डिप्टी सीएम के बया... बड़ी पहल: सरकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाने के लिए लगी प्रदर्शनी, 'उन्नति की ओर एक पहल' में उमड़ी भ... इटारसी में हिट एंड रन: 8 साल की बच्ची को टक्कर मारकर भागी तेज रफ्तार कार, अस्पताल में जिंदगी की जंग ... सुरों की महफिल: बैजू बावरा महोत्सव में गूंजा ध्रुपद संगीत, ऋत्विक सान्याल की जादुई प्रस्तुति ने मोह ... उज्जैन में बवाल: होटल में युवती के साथ पकड़ा गया युवक, लोगों ने की जमकर पिटाई, मोबाइल चेक किया तो उड़ ... हैरान करने वाली रिपोर्ट: जिस राज्य में 'आनंद विभाग' है, वहां हर दिन 42 लोग क्यों चुन रहे हैं मौत? जा... अजब-गजब चोरी: नीमच के 'लाडले' ने बाप की ही कार और ट्रैक्टर पर साफ किया हाथ, दोस्तों के साथ मिलकर रची... Cyber Fraud: एक छोटी सी गलती और बैंक अकाउंट साफ! ऑनलाइन बांसुरी मंगाना रिटायर्ड शिक्षक को पड़ा भारी,... लाखों में कमाई! 3 मास्टर्स डिग्री वाले युवक ने शहर छोड़ जंगल में शुरू की हाईटेक फार्मिंग, जानिए कैसे... MP विधानसभा में भारी हंगामा: कैलाश विजयवर्गीय और उमंग सिंघार में तू-तू मैं-मैं, 'औकात' तक पहुंची बात...

MP विधानसभा में भारी हंगामा: कैलाश विजयवर्गीय और उमंग सिंघार में तू-तू मैं-मैं, ‘औकात’ तक पहुंची बात!

भोपाल : मध्य प्रदेश विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान हंगामा हो गया. सदन में अडानी समूह का नाम आने पर कांग्रेस व बीजेपी विधायकों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई. इस दौरान संसदीय कार्यमंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार अपना आपा खो बैठे. दोनों एक-दूसरे की औकात बताने की बात करने लगे.

अडानी समूह का नाम आते ही हंगामा

राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया “प्रदेश सरकार अडानी समूह पर मेहरबान है. सरकारी फाइलें अडानी के दफ्तर में देखी जा सकती हैं. इसके उनके पास प्रमाण हैं.” इस पर संसदीय कार्यमंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा “यदि प्रमाण हैं तो रखो.” बहस बढ़ने पर कैलाश विजयवर्गीय गुस्से में आ गए और उन्होंने सिंघार से कहा “अपनी औकात में रहें नेता प्रतिपक्ष.” इस पर पलटवार करते हुए सिंघार ने कहा “मैं तुम्हें औकात दिखा दूंगा.” इसके बाद पक्ष और विपक्ष के विधायक गर्भगृह में आ गए और हंगामे की स्थिति बन गई.

विधानसभा अध्यक्ष बोले- दोनों नेता समझदारी दिखाएं

विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा “आज दुर्भाग्य से थोड़ी असहज स्थिति बन गई. मध्य प्रदेश विधानसभा की बहुत गौरवशाली परंपरा रही है. पिछले दिनों भी कई बार परिस्थितियां आई, लेकिन सभी ने समझ से रास्ता बनाया और हम आगे बढ़े. आज जो असहज स्थिति बनी, मुझे पटवा जी का एक वाक्य याद आता है. वह हमेशा कहा करते थे कि सदन में बात रखते समय गुस्स दिखना चाहिए, लेकिन गुस्सा आना नहीं चाहिए. गुस्सा दिखना अच्छी बात है, लेकिन गुस्सा आएगी तो बात भी बिगड़ जाएगी और बात रखने का तरीका भी बिगड़ जाएगा.”

पक्ष व विपक्ष की ओर से मर्यादा तोड़ी गई

विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा “सदन की मर्यादा बनी रहनी चाहिए. लेकिन आज गुस्सा आ गया दोनों पक्षों की तरफ से, इसलिए यह अहसज स्थिति बनी. इसका मुझे भी बहुत दुख है और बाकी सदस्यों को भी रंज होगा. जो भी परिस्थिति बनी, उसके लिए पक्ष और विपक्ष दोनों जिम्मेदार हैं. नेता प्रतिपक्ष बहुत ही वरिष्ठ हैं और संसदीय कार्यमंत्री भी बहुत अनुभवी हैं. दोनों के बीच सीमा कैसे टूट गई, यह हम सभी के लिए चिंता का विषय है. पक्ष और विपक्ष इसे यही खत्म करे.” इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सत्ता पक्ष की तरफ से खेद जताया.

इंदौर के भागीरथपुरा कांड पर नारेबाजी

हंगामे के दौरान इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों का मामला भी गर्माया. कांग्रेस ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का इस्तीफा मांगा. कांग्रेस विधायकों ने कहा “पीड़ित परिजनों को महज 2 लाख रुपये मदद दी गई, जबकि 4 लाख रुपये तो किसी भी हादसे के लिए दिए जाते हैं.” बाद में पत्रकारों से बात करते हुए कैलाश विजयवर्गीय ने कहा “मुझे कभी-कभी गुस्सा आ जाता है. ऐसा क्यों हो रहा है, यह ज्योतिषी से पूछना पड़ेगा.”