ब्रेकिंग
Mahashivratri 2026: दूल्हा बनकर निकले पातालेश्वर महादेव, माता पार्वती संग रचाया ब्याह; बारात में जमक... Indian Currency Update: अब भारतीय सिक्के पर दिखेगी 'वंदे भारत' ट्रेन, सरकार ने जारी किया 100 रुपये क... Mahakaleshwar Temple Decoration: 4 देशों के फूलों से महका महाकाल का दरबार, बेंगलुरु के 200 कलाकारों ... Ujjain Mahakal Darshan: महाशिवरात्रि पर 44 घंटे खुले रहेंगे बाबा महाकाल के पट, भस्म आरती में दिखा अद... Indian Navy Rescue: भारतीय नौसेना ने बीच समंदर में जापानी नाविक को किया एयरलिफ्ट, 200 किमी दूर से ऐस... Delhi EOL Vehicle News: दिल्ली में पुरानी गाड़ियों पर 'सर्जिकल स्ट्राइक', अब बिना नोटिस सीधे स्क्रैप... UP Politics: पूर्व मंत्री अनीस खान समेत 100 से ज्यादा दिग्गज आज थामेंगे सपा का दामन, अखिलेश यादव की ... Ghaziabad Crime News: गाजियाबाद में रिश्तों का कत्ल, ढाई साल की बेटी से अश्लील हरकत करते पिता को मां... Kashi Vishwanath Mahashivratri 2026: काशी में उमड़ा भक्तों का सैलाब, 3 KM लंबी लाइन; जानें बाबा विश्... Uzma Khan Kanwar Yatra: मुराद पूरी हुई तो कांवड़ लेकर निकलीं उजमा खान, महादेव की भक्ति में लीन होकर ...

Ujjain Mahakal Darshan: महाशिवरात्रि पर 44 घंटे खुले रहेंगे बाबा महाकाल के पट, भस्म आरती में दिखा अद्भुत रूप; जानें दर्शन का समय

उज्जैन: महाशिवरात्रि पर्व पर देश और दुनिया के शिवालयों में बाबा भोलेनाथ के भक्तों की भीड़ उमड़ रही है. महाशिवरात्रि पर उज्जैन में महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग धाम में आधी रात से ही बाबा महाकाल के भक्तों की देखी जा रही है. महाकालेश्वर मंदिर में 10 लाख से अधिक भक्तों के आने का अनुमान लगाया जा रहा है.

महाशिवरात्रि पर महाकाल की भस्म आरती और विशेष पूजा

महाशिवरात्रि पर अल सुबह करीब 2.30 बजे से ही भस्म आरती की तैयारी शुरू हो गई थी. गर्भ गृह के पट खुले 3 बजे के बाद खुले और ब्रह्म मुहूर्त में भगवन का विशेष पंचाभिषेक के साथ भस्म आरती हुई. महाशिवरात्रि पर बाबा का राजाधिराज स्वरूप में श्रृंगार हुआ. इसके बाद बाबा महाकाल को दूल्हे वाली पगड़ी पहनाई गई.

महाकालेश्वर मंदिर में भक्तों का सैलाब (ETV Bharat)

मंदिर के महेश पुजारी के अनुसार “महाशिवरात्रि पर भस्मा आरती हेतु श्री महाकालेश्वर भगवान जी के मंगल पट देर रात 02:30 बजे खुले. 07:30 से 08:15 दद्योदक आरती, 10:30 से 11:15 तक भोग आरती के बाद दोपहर 12 बजे से उज्जैन तहसील की ओर से पूजन-अभिषेक संपन्न होता है. शाम 4 बजे होल्कर व सिंधिया स्टेट की ओर से पूजन व शाम को भगवान का पंचामृत पूजन होगा. फिर श्री महाकालेश्वर को नित्य संध्या आरती के समान महाशिवरात्रि पर्व पर भी गर्म मीठे दूध का भोग लगाया जायेगा.

शाम 07 बजे से 10 बजे तक मंदिर में ही कोटितीर्थ कुण्ड के तट पर विराजित श्री कोटेश्वर महादेव का पूजन होगा. महाकाल को क्विंटलो सप्तधान्य अर्पण किए जाएंगे, पुष्प मुकुट श्रृंगार के बाद आरती की जायेगी. रात 11 बजे से पूरी रात्रि 16 फरवरी सुबह 06 बजे तक भगवान श्री महाकालेश्वर जी का महाअभिषेक पूजन श्रृंगार चलेगा. इसमें एकादश-एकादशनी रूद्रपाठ व विभिन्न मंत्रों के माध्यम से 11 ब्राह्मणों द्वारा देवादिदेव भगवान श्री महाकालेश्वर जी का अभिषेक किया जायेगा.”

ऐसे होगा बाबा महाकाल का अभिषेक

बाबा महाकल का पांच फलों के रसों से अभिषेक, पंचामृत पूजन (101 लीटर दूध, 31 किलो दही, 21 किलो खांडसारी, 21 किलो शहद, 15 किलो घी) से अभिषेक, गंगाजल, गुलाब जल, भांग आदि के साथ केसर मिश्रित दूध से अभिषेक किया जायेगा. अभिषेक के बाद नवीन वस्त्र धारण करा के सप्तधान्य का मुखारविंद धारण कराया जायेगा. जिसके बाद सप्तधान्य अर्पित किया जाएगा.

दिन में 12 बजे होगी भस्म आरती

साल में एक बार दिन में 12 बजे होने वाली भस्म आरती होगी. दोपहर 12 बजे भस्मा आरती के बाद भोग आरती होगी और शिवनवरात्रि का पारणा किया जायेगा. 16 फरवरी शाम पूजन, श्रृंगार, आरती व देर रात 10:30 बजे शयन आरती के बाद भगवान श्री महाकालेश्वर के गर्भ गृह के पट मंगल को खुलेंगे.

विदेशी फूलों से सजाया गया है बाबा महाकाल का दरबार

इस बार महाशिवरात्रि पर महाकाल मंदिर को विदेशी फूलों से सजाया गया है. पूरे मंदिर परिसर को सजाने में 200 से अधिक लोग लगे थे. आंगन में रंग-बिरंगी रंगोलियां बनाई गई हैं. इसके साथ ही पूरा महाकालेश्वर मंदिर जगमग रोशनी चमक उठा है. इस बार महाकाल मंदिर को दक्षिण भारत के नटराज मंदिर की थीम पर सजाया गया है. पिछले वर्ष महाकाल मंदिर की साज सज्जा में लगभग 30 लाख रुपए खर्च किए गये थे. इस बार महाशिवरात्रि पर्व के बाद ही खर्च का आकलन किया जायेगा.

44 घंटे लगातार दर्शन देंगे बाबा महाकाल

इस बार महाशिवरात्रि पर शिवलिंग पर दिन-भर जल अर्पित होगा और भगवान महाकाल निराकार स्वरूप में दर्शन देंगे. खास बात यह भी है बाबा महाकाल महाशिवरात्रि पर 44 घंटे तक लगातार दर्शन देंगे. 15 फरवरी से शुरू होने वाला दर्शन का क्रम 16 फरवरी की रात तक लगातार जारी रहेगा. 16 फरवरी की अल सुबह होने वाली भस्मा आरती इस दिन दोपहर में की जाएगी, जो कि साल में एक ही दिन होती है. महाशिवरात्रि के अगले दिन अल सुबह बाबा महाकाल दूल्हा स्वरूप में दर्शन देते हैं.

उज्जैन के कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने बताया है कि “मंदिर में पूजा करने के लिए बड़ी संख्या में भक्त आ रहे हैं. भस्म आरती में भी भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं. भक्तों को कोई परेशानी न हो, इसके लिए सही इंतज़ाम किए गए हैं. “