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Indian Navy Rescue: भारतीय नौसेना ने बीच समंदर में जापानी नाविक को किया एयरलिफ्ट, 200 किमी दूर से ऐसे बचाई जान

भारतीय नौसेना ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मानवीय सहयोग और त्वरित कार्रवाई का परिचय देते हुए समुद्र के बीचो बीच फंसे एक गंभीर रूप से बीमार जापानी नाविक की जान बचाई है. 14 फरवरी को करीब 200 किलोमीटर दूर समुद्र में तैनात जापान की समुद्री आत्मरक्षा बल (JMSDF) के एक युद्धपोत से मेडिकल इवैक्यूएशन के लिए इमरजेंसी रिक्वेस्ट मिली थी. इस बाद समय गंवाए बिना भारतीय नौसेना ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया.

भारतीय नौसेना को सूचना मिलते ही विशाखापत्तनम स्थित INS Dega से सी किंग हेलीकॉप्टर को रवाना किया गया. चुनौतीपूर्ण समुद्री परिस्थितियों के बीच हेलीकॉप्टर ने जापान की समुद्री आत्मरक्षा बल (JMSDF) के पोत तक पहुंचकर गंभीर रूप से बीमार नाविक को सुरक्षित एयरलिफ्ट किया गया. इसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

नाविक को अस्पताल में कराया गया भर्ती

रेस्क्यू के बाद हेलीकॉप्टर मरीज को सुरक्षित रूप से आईएनएस डेगा लेकर पहुंचा. वहां से नाविक को तत्काल आगे इलाज के लिए नवल अस्पताल कल्याणी में भर्ती कराया गया, जहां एक्सपर्ट डॉक्टरों की टीम उसका इलाज कर रही है. नौसेना सूत्रों के अनुसार, समय पर की गई मेडिकल सहायता से मरीज की स्थिति स्थिर बताई जा रही है.

मजबूत समुद्री सहयोग की मिशाल यह ऑपरेशन

यह ऑपरेशन केवल एक सफल मेडिकल इवैक्यूएशन नहीं, बल्कि भारत और जापान के बीच बढ़ते सामरिक और समुद्री सहयोग का भी प्रतीक है. हिंद-प्रशांत क्षेत्र में दोनों देशों के बीच नियमित नौसैनिक अभ्यास, सूचना साझा करना और मानवीय सहायता व आपदा राहत (HADR) जैसे अभियानों में सहयोग लगातार मजबूत हुआ है.

हर बार नौसेना ने निभाई अपनी जिम्मेदारी

भारतीय नौसेना ने पिछले सालों में कई अंतरराष्ट्रीय रेस्क्यू और मानवीय मिशनों को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है. चाहे फिर समुद्री डकैती रोधी अभियान हों, प्राकृतिक आपदाओं में राहत कार्य हो या विदेशी नागरिकों की मदद नौसेना ने हर बार वैश्विक सुरक्षा साझेदार के रूप में अपनी भूमिका निभाई है.