ब्रेकिंग
UP Police Constable Exam 2026: यूपी पुलिस कांस्टेबल लिखित परीक्षा का शेड्यूल जारी, 3 दिनों तक चलेगा ... Uttarakhand Madarsa Board: उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड खत्म! अब 'अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण' तय करेगा... Bikram Majithia News: जेल से बाहर आते ही गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब पहुंचे मजीठिया, नतमस्तक होकर पर... Batala Murder Case: बटाला कत्ल मामले में पुलिस की बड़ी कामयाबी, हत्या की साजिश रचने वाला 'कपल' गिरफ्... Punjab Highway Accident: पंजाब में हाईवे पर स्कॉर्पियो का भीषण हादसा, 3 पुलिसकर्मियों समेत 6 लोग गंभ... Punjab Board Exam Update: कब शुरू होंगी PSEB 12वीं की परीक्षाएं? डेटशीट को लेकर आई बड़ी जानकारी, छात... Horrific Attack: घर से निकलते ही 13 साल के बच्चे पर खूंखार कुत्ते का हमला, लहूलुहान हुआ मासूम; चीखें... Punjab Governor Visit: पंजाब के 3 अहम जिलों के दौरे पर रहेंगे गवर्नर, प्रशासन ने कसी कमर; सुरक्षा के... Jalandhar Raid: जालंधर में शराब माफिया के ठिकाने पर बड़ी रेड, भारी पुलिस फोर्स ने घंटों खंगाला घर; इ... Crime Strike: बड़े शातिर चोर गिरोह का पर्दाफाश, पुलिस ने 6 आरोपियों को दबोचा; लाखों का माल बरामद

कलकत्ता HC का ममता सरकार को कड़ा आदेश: ‘बॉर्डर फेंसिंग के लिए BSF को तुरंत दें जमीन’, राष्ट्रीय सुरक्षा पर बड़ा फैसला

बांग्लादेश सीमा पर बढ़ती घुसपैठ की घटनाओं और विवादों से बचने के लिए लंबे समय से सीमा को सुरक्षित बनाने और फेंसिंग करने की मांग पर अब हाई कोर्ट सख्त हो गया है. कलकत्ता हाईकोर्ट ने बंगाल सरकार को आदेश दिया है कि बॉर्डर पर फेंसिंग के लिए केंद्र से मिले फंड से खरीदी गई सारी ज़मीन 31 मार्च, 2026 तक बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) को सौंप दी जाए.

यह निर्देश चीफ जस्टिस सुजॉय पॉल और जस्टिस पार्थ सारथी सेन की डिवीजन बेंच दिया है. यह मुद्दा BJP लंबे समय से उठा रही है, जिसने पश्चिम बंगाल सरकार पर बॉर्डर इलाकों में ज़मीन देने में देरी करने और इस तरह फेंसिंग के काम में रुकावट डालने का आरोप लगाया है. बॉर्डर की ज़मीन से जुड़ी एक पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन (PIL) फाइल होने के बाद यह मामला ज्यूडिशियल जांच के दायरे में आया था.

राष्ट्र सुरक्षा के लिए हर सेकंड कीमती है

कोर्ट ने यह साफ कर दिया कि चुनावी प्रक्रियाओं या प्रशासनिक देरी को BSF को ज़िम्मेदारी सौंपने में देरी की वजह के तौर पर नहीं इस्तेमाल किया जा सकता है. सीमा को राजनीति, चुनाव या अहंकार से कोई फर्क नहीं पड़ता. उसे सिर्फ राष्ट्रीय सुरक्षा की परवाह है. देरी हर सेकंड को कमज़ोरी में बदल रही है. हर सेकंड कीमती है.

PIL में उठाई गई थी सीमा सुरक्षा पर चिंता

PIL में पश्चिम बंगाल से लगी बिना बाड़ वाली भारत-बांग्लादेश सीमा (IBB) पर गंभीर चिंताओं को उठाया गया है, जो अंतरराष्ट्रीय सीमा का सबसे लंबा हिस्सा है- 2,216.70 किमी और राज्य के नौ जिलों में फैला हुआ है. याचिका में नशीले पदार्थों की तस्करी, सीमा पार घुसपैठ और दूसरी गैर-कानूनी गतिविधियों से जुड़े अपराधों में तेज़ी से बढ़ोतरी की ओर इशारा किया गया है.

राज्यसभा में पूछे गए सवालों से मिले डेटा को कोर्ट के सामने रखा गया है. इसमें पिछले कुछ सालों में सीमा पार घुसपैठ के लिए पकड़े गए लोगों की संख्या दिखाई गई है, जिसमें हाल के सालों में, खासकर 2023, 2024 और जुलाई 2025 तक, काफी बढ़ोतरी देखी गई है. जिसके बाद कोर्ट ने यह आदेश दिया है.