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प्रदेश की राजधानी भोपाल की प्रगति पर विशेष ध्यान : मुख्यमंत्री मोहन यादव

भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भोपाल मध्यप्रदेश की राजधानी है। राजधानी क्षेत्र की तीव्र प्रगति होगी। हाल ही में भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया गया। भोपाल शहर में ऐसे महत्वपूर्ण आयोजन होते रहना आवश्यक है। भोपाल में शहरी क्षेत्र में आवास सुविधा सहित अन्य सुविधाएं भी विकसित की जा रही है। भविष्य में भोपाल के साथ सीहोर विदिशा, नर्मदापुरम, रायसेन आदि के क्षेत्रों को मिलाकर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र का विकास होगा। भविष्य की आवश्यकता के मद्देनजर विभिन्न प्रकार की विकसित सुविधाओं का किया जाना आवश्यक है। राज्य सरकार इस दिशा में निरंतर कार्य करेगी। संपूर्ण प्रदेश में समग्र विकास के लिए विकसित भारत 2047 के प्रधानमंत्री मोदी के संकल्प के अनुरूप कार्य संपन्न होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल देश की सबसे सुंदर और स्वच्छ राजधानी है। यहां ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्रधानमंत्री मोदी ने रात्रि विश्राम किया। उन्होंने और उद्यमियों एवं निवेशकों को मार्गदर्शन भी प्रदान किया। राज्य सरकार ने ‘झीलों के शहर’ को पांच शहरों के साथ जोड़कर विकास की नई कल्पना की है। इस प्रकार मध्यप्रदेश में भोपाल और इंदौर दो मेट्रोपोलिटन सिटी आकार लेंगी। मुख्यमंत्री मोहन ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप राज्य सरकार भी 2047 के विजन पर कार्य कर रही है। आगामी 25 साल में भोपाल और इंदौर को मेट्रोपोलिटन सिटी के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से स्वच्छता पेयजल, सीवर और रोड जैसी बुनियादी सुविधाओं का ध्यान रखकर योजना बनाई जा रही है। प्रधानमंत्री ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में मध्यप्रदेश को विशेष अनुदान दिया है। उनका सपना है कि हर गरीब और जरूरतमंद का अपना पक्का मकान हो। मुख्यमंत्री मंगलवार की शाम भोपाल के तात्या टोपे नगर (टीटी नगर) स्थित भोपाल स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कार्पोरेशन की परियोजना के प्रथम चरण में नवनिर्मित 364 जी-टाइप आवासों के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा तात्या टोपे नगर के नवनिर्मित शासकीय आवासों के परिसर का नाम भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी परिसर होगा। यहां आवासीय परियोजना के प्रथम चरण में 116.26 करोड़ की लागत से निर्मित 364 जी टाइप आवास गृहों का लोकार्पण हुआ है। मुख्यमंत्री ने सीमा तिवारी, कल्पना गुर्जर, संगीता उइके, राघवेंद्र सिंह को उनके शासकीय आवास की चाबियां सौंपी। साथ ही उन्होंने भोपाल नगर निगम के अधिकारियों को इस परियोजना के द्वितीय चरण में आगामी दो से तीन महीने में एफ-टाइप आवासों का निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह को रंगपंचमी की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं को प्रकृति के साथ जोड़ते हुए कहा कि भारत हजारों सालों से सूर्य के समान दुनिया को आकर्षित कर रहा है। प्राचीन काल से ऋषियों ने सनातन संस्कृति के हर त्यौहार को प्रकृति से जोड़ा है। प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में देश में अमृतकाल चल रहा है, जो हम सबको जीवन में वसंत ऋतु जैसे आनंद और उत्साह की अनुभूति करवाता है। स्मार्ट सिटी के इन शासकीय आवासों में परिवार रहने आएंगे तो उसका अलग ही आनंद होगा। प्रधानमंत्री वो सबको पक्का घर उपलब्ध करवाने के लिए चिंता करते हैं। सबका अपना मकान हो, इसके लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में केंद्र और राज्य सरकारों ने योजना शुरू की है। लोगों को आवास ऋण के ब्याज में भी अनुदान मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने सवा साल में हर वर्ग का विशेष ध्यान रखा है। आने वाले 5 साल में अलग-अलग विभागों के ढाई लाख पदों पर नियुक्तियां होंगी। प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों को 1 अप्रैल से 7 वें वेतनमान के बराबर भत्तों का लाभ मिलेगा। गत वर्ष कर्मचारियों को दो बार चार-चार प्रतिशत डी.ए. स्वीकृत किया गया। कर्मचारियों को पदोन्नति का भी लाभ मिल सके, इसके लिए सरकार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार 2047 तक विकसित मध्य प्रदेश के लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ रही है। पिछले कुछ वर्षों में मध्यप्रदेश में प्रति व्यक्ति आय बढ़ी है। वर्ष 2002 – 2003 में जहां प्रति व्यक्ति वार्षिक आय मात्र 11 हजार रूपये थी, वह अब बढ़कर 1 लाख 52 हजार 680 वार्षिक रुपए हो चुकी है। इस साल सरकार ने 4 लाख 21 हजार करोड़ रुपए का जनकल्याणकारी बजट पेश किया है। यह बजट पांच वर्ष में बढ़कर 7 लाख करोड़ और आगामी 25 साल में 250 लाख करोड़ का होगा और मध्यप्रदेश की प्रति व्यक्ति आय भी बढ़कर 22 लाख वार्षिक हो जाएगी। राज्य सरकार ने प्रत्येक नागरिक की समृद्धि का लक्ष्य रखा है।

नगरीय विकास और आवास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी और विधायक भगवानदास सबनानी ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। बागरी ने कहा कि नगरीय क्षेत्र में गरीब वर्ग के साथ ही अन्य वर्गों के लिए भी आवास व्यवस्था सहित अन्य विकास कार्य किया जा रहे हैं। भोपाल के कर्मचारी बंधु स्मार्ट सिटी के विकास के बाद पुराने शासकीय आवास के स्थान पर नए आवास गृहों में आने की प्रतीक्षा कर रहे थे। विधायक सबनानी ने कहा कि वर्ष 2016 से शासकीय आवास की प्रतीक्षा कर रहे कर्मचारियों के हित के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री यादव, लोक कल्याणकारी दृष्टिकोण से तीव्र विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं।

कार्यक्रम में विधायक रामेश्वर शर्मा,  भोपाल की महापौर मालती राय, भोपाल नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, रवींद्र यति, नगरीय विकास और आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार शुक्ला, भोपाल नगर निगम आयुक्त हरेंद्र नारायण सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं पदाधिकारी, नागरिक गण, कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी और शासकीय कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

भोपाल के प्रथम आर आर आर व्हीकल का लोकार्पण

मुख्यमंत्री यादव ने कार्यक्रम के पश्चात आवासीय परिसर में मंगलवार की शाम भोपाल नगर निगम की ओर से प्रारंभ भोपाल की प्रथम आर आर आर (रिड्यूस, रीयूज, रीसायकिल) व्हीकल को लोकार्पण के बाद झंडी दिखाकर रवाना किया। इस वाहन के माध्यम से दफ्तरों से अनुपयोगी कागजों को एकत्र किए जाएंगे और बदले में उपयोगी कागज प्रदान किए जाएंगे।