ब्रेकिंग
Operation Sankalp to Urja Suraksha: ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारतीय नौसेना का सबसे खतरनाक और बड़ा रेस... Delhi Terror Plot: पाकिस्तान से रची जा रही दिल्ली दहलाने की साजिश; ISI समर्थित TTH मॉड्यूल के 8 आतंक... Manipur Encounter: भारतीय सेना और असम राइफल्स की बड़ी कार्रवाई; चुराचांदपुर में UKNA उग्रवादी ढेर India-USA Relations: गृह मंत्री अमित शाह और अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की बैठक; आतंकवाद और ड्रग्स तस... NEET Paper Leak News: 'पेपर लीक रोकने के उपाय या कॉमेडी सर्कस?' नीट विवाद पर केजरीवाल का केंद्र सरका... Doctor Kills Domestic Help: दिल्ली के पॉश इलाके में सनसनी; डॉक्टर के घर काम करने वाली महिला की हत्या... Shiv Sena UBT Crisis: उद्धव ठाकरे की बैठक से 6 सांसद नदारद; क्या टूटने वाली है शिवसेना UBT? जानें का... Bihar Heli Tourism: पटना से अब राजगीर, कैमूर और वाल्मीकिनगर तक होगी हवाई यात्रा; जानें किराया और पर्... Ranchi Police Encounter: आरएसएस कार्यालय हमला केस का मुख्य आरोपी घायल; हथियार छीनकर भागने की कोशिश म... MP Archaeological Survey: पुजारी के निजी संग्रह से मिला झांसी रियासत का बैज और दुर्लभ सामूहिक चित्र;...

जिस देश की आधी आबादी हिंदू वहां ‘प्रलय’ का अलर्ट, एयरपोर्ट बंद-लॉकडाउन जैसे हालात

इस समय मॉरीशस में लॉकडाउन जैसे हालात बन गए हैं. मॉरीशस और ला रीयूनियन आईलैंड में चक्रवात गारेंस ने दस्तक दी है. चक्रवात को लेकर शुक्रवार को हाई अलर्ट का ऐलान किया गया है. फिलहाल, यह तूफान सेंट डेनिस तक पहुंच गया है. सेंट डेनिस से मॉरीशस की दूरी 227 किलोमीटर है और यह तूफान 195 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है.

यह तूफान मॉरीशस के लिए खतरे की घंटी बन गया है. देश अलर्ट मोड पर आ गया है और सभी से सुरक्षा के चलते अपने घर पर ही रहने के लिए अपील की जा रही है. जिस तरह पूरी दुनिया में कोविड-19 महामारी के समय अपने घरों में रहने के लिए कहा गया था और सिर्फ बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की इजाजत दी गई थी, वैसे ही लॉकडाउन वाले हालात मॉरीशस में एक बार फिर बन गए हैं.

चक्रवात कब पहुंचेगा मॉरीशस?

चक्रवात की आहट मॉरीशस को बुधवार को ही हो गई थी और उसी दिन सावधानी के चलते देश में एयरपोर्ट बंद कर दिया गया था और स्कूल की भी छुट्टी कर दी गई थी. इसी के बाद गुरुवार को चक्रवात और नजदीक आया तो फिर रेड अलर्ट का ऐलान किया गया और लॉकडाउन जैसे हालात बन गए. इसी के बाद मॉरीशस के मौसम विभाग ने संभावना जताई थी कि शुक्रवार सुबह तक यह चक्रवात मॉरीशस तक पहुंचेगा. शुक्रवार की सुबह 4 बजे यह तूफान मॉरीशस से 245 किलोमीटर दूर था. इसी के बाद सुबह 9 बजे के करीब यह मॉरीशस से 227 किलोमीटर दूर बना हुआ है. न सिर्फ मॉरीशस बल्कि फ्रांस के द्वीप ला रीयूनियन ने भी गुरुवार को ही एयरपोर्ट को शट करने का कदम उठाया है.

कितना खतरनाक चक्रवात गारेंस

चक्रवात गारेंस को कैटिगरी 3 का चक्रवात माना गया है. जोकि काफी खतरनाक होता है. कैटिगरी 3 चक्रवात Severe Tropical Cyclone होता है. इस तूफान में 165-224 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलती है. इस तूफान में बडे़ लेवल पर मकानों को क्षति पहुंच सकती है, पेड़ गिर सकते हैं और साथ ही इलाके में बिजली भी जा सकती है. मॉरीशस मौसम विज्ञान सेवा ने गुरुवार को कहा कि चक्रवात द्वीप के उत्तर-पश्चिम में 310 किलोमीटर (190 मील) दूर था और एक “तीव्र तूफान” बन गया है.

बाढ़ आने की भी चेतावनी

मॉरीशस मौसम विज्ञान सेवा ने कहा कि चक्रवात “खतरनाक रूप से मॉरीशस की ओर बढ़ रहा है और देश के लिए सीधा खतरा है. साथ ही मौसम विभाग ने बाढ़ की आशंका भी जताई है, जिससे लोगों में दहशत और डर बढ़ गया है. इसी के चलते देश में रेड अलर्ट घोषित कर दिया गया है.

अधिकारियों ने घोषणा की कि गुरुवार को रेड अलर्ट शाम 7 बजे शुरू हो गया है. चक्रवात के शुक्रवार की सुबह द्वीप के पास तक पहुंचने की उम्मीद जताई गई है. मॉरीशस और ला रीयूनियन आईलैंड पर रेड अलर्ट लगा दिया गया है. सभी लोगों से घरों के अंदर रहने को कहा गया है और सिर्फ बहुत इमरजेंसी होने पर ही बाहर निकलने की इजाजत दी गई है. हालातों को देखते हुए बुधवार दिन में ही स्कूल बंद कर दिए गए हैं.

दुकानों पर लंबी कतार, लॉकडाउन वाले हालात

लॉकडाउन के शुरू होने से पहले चक्रवात के चलते आईलैंड्स में कोविड-19 के समय वाली तस्वीर नजर आई. लोग हजारों की संख्या में घर का सामान खरीदने के लिए स्टोर के बाहर खड़े थे, लंबी कतारें दिखाई दे रही थी. एक शख्स ने कहा कि मुझे लगा था कि शॉपिंग करने के लिए मेरे पास काफी टाइम था, लेकिन मैं गलत था. साथ ही उन्होंने कहा, मुझे स्टोर में से पानी खरीदने में सिर्फ 10 सेकेंड लगे, लेकिन मैं पिछले 10 मिनट से पैसे देने के लिए लाइन में खड़ा हूं.

एक महिला मैरीवोन लॉरेंट ने बताया, मैंने फ्रोजन पफ पेस्ट्री, अंडे और चीनी खरीदी ताकि हम रेड अलर्ट के दौरान बच्चों को कुछ न कुछ खिला सके.

इसी के साथ सभी ने इस चक्रवात से होने वाले नुकसान से खुद को बचाने के लिए कदम उठाए हैं. सैंटे-मैरी पोर्ट में मछुआरों ने अपनी नांव सूखी जगह पर खड़ी कर दी हैं. जबकि किसानों ने ग्रीनहाउसों को किसी तरह का नुकसान न हो इसीलिए उसको ढक दिया है.

ला रीयूनियन में पिछला रेड चक्रवात अलर्ट जनवरी 2024 में जारी किया गया था जब चक्रवात बेलाल ने द्वीप पर दस्तक दी थी, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई थी और अनुमानित 100 मिलियन यूरो ($104 मिलियन) की क्षति हुई थी.