ब्रेकिंग
Tamil Nadu Election 2026: अभिनेता विजय का चुनावी आगाज, दो विधानसभा सीटों— पेरम्बूर और त्रिची ईस्ट से... Rahul Gandhi Gujarat Attack: गुजरात में दलित-आदिवासी उत्पीड़न का मुद्दा, राहुल गांधी के आरोपों से गर... Lok Sabha Session: लोकसभा में गूंजेगा नक्सलवाद का मुद्दा, गृह मंत्री अमित शाह बताएंगे नक्सलवाद खत्म ... उत्तम नगर में 'उड़ता दिल्ली'! सौरभ भारद्वाज का सनसनीखेज आरोप- 'खुलेआम बिक रहा नशा, सो रही है पुलिस' Amit Shah on Assam UCC: असम में यूसीसी की तैयारी! चार शादियों पर रोक और नए कानून को लेकर गृह मंत्री ... Harvesting Accident News: हार्वेस्टर से गेहूं की कटाई के दौरान हाईटेंशन लाइन की चपेट में आई मशीन, चा... Nandigram Assembly Election: नंदीग्राम में इस बार भी खिलेगा कमल, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने... Purnia Mystery Case: मरा हुआ युवक लौटा जिंदा! पूर्णिया में जिसकी लाश जलाई गई वह कौन था? इलाके में फै... Faridkot News: नशा विरोधी अभियान में फरीदकोट बना नंबर वन जिला, पंजाब पुलिस ने ऐसे कंट्रोल किया क्राइ... Firozabad Road Accident: फिरोजाबाद में वैगनआर और बोलेरो की भीषण भिड़ंत, हादसे में 1 की मौत, 4 गंभीर ...

द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी के दिन करें ये खास उपाय, पूरे होंगे अधूरे काम!

 हिंदू धर्म शास्त्रों में चतुर्थी तिथि बहुत विशेष मानी गई है. हिंदू धर्म में चतुर्थी तिथि विघ्नहर्ता भगवान गणेश को समर्पित की गई है. हर माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाता है. फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली चतुर्थी संकष्टी चतुर्थी द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी के नाम से जानी जाती है. इस दिन द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाता है. इस दिन महिलाएं अपनी संतान की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए व्रत रखती हैं.

द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश का पूजन और व्रत का विधान है. द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश के पूजन और व्रत के साथ ही इस दिन चंद्रदेव की भी अराधना-उपासना की जाती है. महिलाएं द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी का व्रत अपनी संतान की लंबी आयु और अच्छे स्वास्थ्य के लिए रखती हैं. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन व्रत करने से विघ्नों का नाश हो जाता है और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. साथ ही इस दिन कुछ खास उपाय करने से आर्थिक स्थिति अच्छी होती है. अधूरे काम पूरे होते हैं. साथ ही जीवन में खुशहाली आती है.

कब है द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी का व्रत ?

हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि की शुरुआत 15 फरवरी को रात को 11 बजकर 52 मिनट हो जाएगी. वहीं इस तिथि का समापन 17 फरवरी को रात 2 बजकर 15 मिनट पर हो जाएगा. ऐसे में उदयातिथि के अनुसार, 16 फरवरी को द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाएगा.

करें ये खास उपाय

  • आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है और अधूरे काम पूरे होने में अड़चनें आ रही हैं, तो द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी के दिन तीन बत्तियों वाला दिया जलाना चाहिए. साथ ही ऊं गं गौं गणपते विघ्न विनाशिने स्वाहा का 21 माला का जाप करना चाहिए. इससे धन-धान्य में बढ़ोतरी होती है और अधूरे काम भी पूरे हो जाते हैं.
  • घर में सुख-शांति वापस लाने के लिए इस दिन चांदी के गणेश जी की प्रतिमा को घर लेकर आना चाहिए. भगवान गणेश का पूजन करना चाहिए. पूजा के समय उन्हें हल्दी की पांच गांठ चढ़ानी चाहिए. इससे घर में सकारात्मकता और सुख-शांति आती है.
  • कई बार ऐसा होता है कि ग्रह दोष के कारण काम पूरे नहीं होते. ऐसे में इस दिन गाय को हरा चारा खिलाना चाहिए. इससे ग्रह दोष दूर होते हैं, जिसके बाद अधूरे काम पूरे होने लगते हैं.
  • द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश को लाल फूल और दूर्वा चढ़ानी चाहिए. इससे सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.