ब्रेकिंग
Crime News: पति से सुलह का झांसा देकर महिला से गैंगरेप, पूर्व पार्षद और उसके साथी पर संगीन आरोप Shocking Incident: युवक के साथ हैवानियत! बंधक बनाकर मारपीट और नग्न कर अश्लील हरकत; पुलिस जांच शुरू Immigration Scam: विदेश जाने का सपना पड़ा भारी! ठगी के शिकार हुए व्यक्ति की शिकायत पर 4 पर FIR एक्शन मोड में स्वास्थ्य मंत्री: रोहतक PGI में किया औचक निरीक्षण, मरीजों की कतार देख किया ये काम Crime News: पान का खोखा लगाने के नाम पर अवैध वसूली! पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार Haryana CM Rally: मुख्यमंत्री के स्वागत में टूटी विशाल माला, मंच पर ही धड़ाम से गिरे भाजपा पार्षद Dadri Development News: दिल्ली दरबार में दादरी का दम! सांगवान-मनोहर की मुलाकात, हरियाणा को मिलेगी बड... RTE Reimbursement News: 14 साल से नहीं बढ़ी RTE प्रतिपूर्ति राशि! निजी स्कूलों ने दी नए सत्र में प्र... Durg Bar Association Election 2026: दुर्ग जिला अधिवक्ता संघ का मतदान संपन्न, 17 पदों के लिए 64 उम्मी... Wildlife News: जंगल में दिखा रहस्यमयी जीव! महुआ के फूल खाती 'उड़ने वाली गिलहरी' (Flying Squirrel) कै...

दिमाग घुस गया नाक में… लड़की को हुई ऐसी बीमारी, सर्जरी करने वाले डॉक्टर्स के भी छूट गए पसीने

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में 14 साल की लड़की के दिमाग का एक हिस्सा नाक में घुस गया था. उसकी जान बचाने के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज के ईएनटी विभाग के चिकित्सकों ने जटिल सर्जरी की है. इस सर्जरी के बाद किशोरी की हालत खतरे से बाहर है. इस दुर्लभ बीमारी को जल मैनिंगो इंसीफेलोसील कहते हैं.

5 फरवरी को हुई यह सर्जरी करीब तीन घंटे तक चली, जो सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. आरएन यादव द्वारा की गई. उनके साथ एनेस्थीसिया के प्रोफेसर डॉ. शाहबाज अहमद की टीम मौजूद रही. डॉ. यादव के मुताबिक, सर्जरी के लिए दूरबीन विधि का प्रयोग किया गया। नाक के जरिए सिर के स्कैल्प से जुड़ी हड्डी तक पहुंचे. सर्जरी कर दिमाग के ऊतक (टिशू) को काटकर निकाल दिया गया. इसके बाद हड्डी के सुराख की मरम्मत की गई.

दुर्लभ है बीमारी

किशोरी अत्यंत दुर्लभ बीमारी नेजल मैनिंगो इंसीफेलोसील से जूझ रही है. इससे किशोरी को बार- बार मेनिन्जाइटिस हो जा रहा था. उसके दिमाग में संक्रमण हो जाता और तेज बुखार के साथ झटके आने लगते थे, जिससे वह अचेत हो जाती थी. करीब एक महीने पहले परिवारीजन उसे लेकर बीआरडी मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग पहुंचे, जहां से ईएनटी विभाग रेफर कर दिया.

डॉक्टरों ने की सर्जरी

विभागाध्यक्ष ने बताया कि सर्जरी के लिए सिर के ऊपर की हड्डी को काटकर निकाला जाता है. इसके बाद दिमाग के अतिरिक्त टिशू को काटा जाता है. किशोरी की सर्जरी में पहली बार दूरबीन विधि का प्रयोग किया गया. जिसमें नाक के जरिए टिशू तक पहुंच गया. यहां देखा, गया की नाक को सिर से जोड़ने वाली हड्डी (किनीफार्म प्लेट) में बने सुराख से दिमाग के टिशू की एंट्री हुई. यह नाक की मुख्य हड्डी एथमॉइड का ही एक हिस्सा होता है. यह धीरे-धीरे नाक में विकसित होने लगा.