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पिता लालू सरकार में रहे मंत्री, खुद कई बार मिनिस्टर… जानें कौन हैं आलोक मेहता और कैसे राजनीति में आए

वित्तीय अनियमितता के मामले में ईडी की रडार पर आए राजद के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री और वर्तमान में विधायक आलोक मेहता की कहानी एक सफल बिजनेसमैन की रही है. आलोक मेहता ने अपने पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढाया है. आलोक मेहता की गिनती राजद के सुलझे हुए और स्पष्ट वक्ता के रूप में होती है.

बिहार की राजनीति में जिस तरीके से आलोक मेहता ने अपना कद बनाया है, उससे भी बड़ा कद उनके पिता तुलसीदास मेहता का रहा है. तुलसीदास मेहता की गिनती लालू प्रसाद के खास लोगों में होती है. वो राजद के संस्थापक सदस्यों में से एक रहे हैं.

समाजवादी नेता थे तुलसीदास मेहता

बिहार के कोईरी परिवार में जन्मे तुलसी प्रसाद मेहता की पहचान समाजवादी राजनेता की थी. हालांकि, उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत सोशलिस्ट पार्टी से की थी. इसी के टिकट पर 1962 में पहली बार जीत हासिल की थी. 1969 में तुलसीदास मेहता ने दूसरी जीत हासिल की. इसके बाद वो पहली बार बिहार सरकार में राज्य मंत्री बने. तुलसीदास मेहता ने 1969, 1985, 1990 और 1995 के बिहार विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की. 1970 में वो पहली बार कर्पूरी ठाकुर के मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री बने थे.

लालू ने भी दी थी मंत्रिमंडल में जगह

बिहार में जब लालू प्रसाद यादव की सरकार बनी हो तो लालू ने उन्हें दो बार अपने मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री के रूप में शामिल किया. तुलसीदास मेहता ने बिहार में सहकारी क्षेत्र में काफी काम किया था. कहा जाता है कि तुलसीदास ने ही वैशाली सहकारी बैंक और सहकारी कोल्ड स्टोरेज सुविधा की नींव रखी थी. इसी मामले में आलोक मेहता ईडी की रडार पर आ गए हैं.

आरजेडी के संकटमोचक

  1. बेंगलुरु के रमैया रमैया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से बीई की शिक्षा हासिल करने वाले आलोक कुमार मेहता न केवल बिहार सरकार में मंत्री बल्कि सांसद भी रहे हैं. बिहार में वो शिक्षा मंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री के रूप में काम कर चुके हैं. उनकी राष्ट्रीय जनता दल में क्या अहमियत है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राष्ट्रीय जनता दल के ऊपर जब कभी राजनीतिक संकट के बादल छाए, आलोक कुमार मेहता सबसे आगे खड़े रहे.
  2. पार्टी की तरफ से वो सात राज्यों में प्रभारी रह चुके हैं. आलोक मेहता 2002 से 2003 तक युवा राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय सचिव, 2003 से 2004 तक राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय सचिव की भूमिका निभा चुके हैं. 2005 से लेकर के 2016 तक उन्होंने युवा राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में भी काम किया. आलोक की बहन सुहेली मेहता बीजेपी की प्रदेश प्रवक्ता हैं.

अमेरिका में सॉफ्टवेयर कंपनी

आलोक मेहता ने यूएसए में अपनी सॉफ्टवेयर कंपनी की नींव रखी थी. राजनीति में आने से पहले वो अमेरिका में ही रहते थे. इसके बाद वो सहकारिता कंपनी से जुड़ गए.