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आरआरबी भर्ती घोटाला: कर्मचारियों ने कैसे बेटों को नौकरी दिलाने के लिए किया फर्जीवाड़ा? पूरी कहानी

गोरखपुर रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) में घोटाले को लेकर शिकंजा कसता जा रहा है. इस मामले में रिटायर्ड दो कर्मियों और उनके दो बेटों के खिलाफ आरआरबी के सहायक सचिव ने कैंट थाने में केस दर्ज करवाई है. इस मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. पुलिस को आरआरबी के सहायक सचिव एसएन उरांव ने बताया कि टेक्नीशियन तृतीय श्रेणी पद के लिए 9 और 31 अगस्त 2018 को कंप्यूटर आधारित प्रथम परीक्षा हुई थी, जबकि दुसरे एग्जाम की तारीख 21 और 23 जनवरी 2019 थी.

इस परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों के डॉक्यूमेंट की जांच 20 जून से 23 जुलाई, 2019 तक चली. इसी दौरान पता चला कि दो अभ्यर्थी जो परीक्षा में पास हो चुके हैं, उनकी नौकरी कहीं अन्य जगह लग गई है, इसलिए उन दोनों के आने की संभावना नहीं है. दोनों अभ्यर्थी डॉक्यूमेंट चेक करवाने नहीं आएं और इस बात की भी पुष्टि कर ली गई कि उनको अब नौकरी की जरूरत भी नहीं है. इस बात की जानकारी होने पर आरआरबी में कार्यरत कार्यालय अधीक्षक चंद्रशेखर आर्य और निजी सचिव द्वितीय राम सजीवन ने इन दोनों की जगह अपने-अपने बेटों का नाम शामिल कर दिया.

रेलवे कर्मचारियों ने जोड़े अपने बच्चों के नाम

सफल अभ्यर्थियों का नाम लोकेश कुमार पुत्र चंद्रवीर सिंह और अनिल कुमार पुत्र लालदेव राम था. उनकी जगह रेलवे कर्मचारियों ने अपने बेटों का नाम शामिल कर दिया. चंद्रशेखर आर्य ने अपने बेटे राहुल प्रताप और राम सजीवन ने अपने बेटे सौरभ कुमार का नाम लिस्ट में जोड़ दिया था. इस तरह 9 अभ्यर्थियों का पैनल बनाकर उस पर फर्जी तरीके से आरआरबी चेयरमैन का हस्ताक्षर कर मॉर्डन कोच फैक्ट्री रायबरेली में अप्रैल 2024 में भेज दिया गया था.

RRB चेयरमैन के किये फर्जी हस्ताक्षर

मॉडर्न कोच फैक्ट्री कार्मिक विभाग से इन 9 नामों के वेरिफिकेशन के लिए आरआरबी गोरखपुर को पत्र भेजा गया था. इसके जवाब में आरआरबी की ओर से पत्र भेजा गया कि जो पैनल में नाम शामिल है, वह सही हैं. पैनल में आरआरबी चेयरमैन का हस्ताक्षर है, इस नाते सभी अभ्यर्थियों को परीक्षा पास होने के बाद भेजा गया है. पुलिस से की गई शिकायत में कहा गया है कि फर्जी हस्ताक्षर चंद्रशेखर आर्य ने किया था.

‘सबूतों और तथ्यों के आधार पर की जा रही जांच’

इस संबंध में एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि आरआरबी के सहायक सचिव की शिकायत पर चंद्रशेखर आर्य, उनके बेटे राहुल प्रताप और राम सजीवन और उनके बेटे सौरभ कुमार के खिलाफ कैंट पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है. आगे सबूतों और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी.