ब्रेकिंग
Tamil Nadu Election 2026: अभिनेता विजय का चुनावी आगाज, दो विधानसभा सीटों— पेरम्बूर और त्रिची ईस्ट से... Rahul Gandhi Gujarat Attack: गुजरात में दलित-आदिवासी उत्पीड़न का मुद्दा, राहुल गांधी के आरोपों से गर... Lok Sabha Session: लोकसभा में गूंजेगा नक्सलवाद का मुद्दा, गृह मंत्री अमित शाह बताएंगे नक्सलवाद खत्म ... उत्तम नगर में 'उड़ता दिल्ली'! सौरभ भारद्वाज का सनसनीखेज आरोप- 'खुलेआम बिक रहा नशा, सो रही है पुलिस' Amit Shah on Assam UCC: असम में यूसीसी की तैयारी! चार शादियों पर रोक और नए कानून को लेकर गृह मंत्री ... Harvesting Accident News: हार्वेस्टर से गेहूं की कटाई के दौरान हाईटेंशन लाइन की चपेट में आई मशीन, चा... Nandigram Assembly Election: नंदीग्राम में इस बार भी खिलेगा कमल, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने... Purnia Mystery Case: मरा हुआ युवक लौटा जिंदा! पूर्णिया में जिसकी लाश जलाई गई वह कौन था? इलाके में फै... Faridkot News: नशा विरोधी अभियान में फरीदकोट बना नंबर वन जिला, पंजाब पुलिस ने ऐसे कंट्रोल किया क्राइ... Firozabad Road Accident: फिरोजाबाद में वैगनआर और बोलेरो की भीषण भिड़ंत, हादसे में 1 की मौत, 4 गंभीर ...

MP में 5 लाख से ज्यादा बच्चे कुपोषण का शिकार, मंत्री निर्मला भूरिया ने विधानसभा में किया बड़ा खुलासा

भोपाल : मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालिन सत्र का आज तीसरा दिन है। विपक्ष मंहगाई, शराब माफिया और बेरोजगारी को लेकर जमकर हंगामा कर रहा है। इसी बीच मध्य प्रदेश महिला और बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने एक अहम जानकारी का खुलासा किया है। मंत्री निर्मला भूरिया ने विधानसभा में स्वीकार किया है कि राज्य में इस साल कम से कम 5.41 लाख कुपोषित बच्चे आंगनवाड़ी केंद्रों में नामांकित हुए हैं, जिनमें सबसे ज्यादा संख्या धार जिले में है। मंत्री निर्मला ने भितरवार से बीजेपी विधायक मोहन सिंह राठौर के एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

विधानसभा सत्र के दौरान विधायक राठौर ने बच्चों में कुपोषण और उन्हें दिए जाने वाले भोजन के बारे में जिलेवार आंकड़े मांगे तो मंत्री निर्मला भूरिया ने बताया कि प्रदेश के आंगनवाड़ी केंद्रों में नामांकित 62.88 लाख बच्चों में से 5.41 लाख कम वजन के हैं। धार जिले में सबसे ज्यादा 35,950 कम वजन वाले बच्चे पंजीकृत हैं, इसके बाद खरगोन में 24,596 और बड़वानी में 21,940 बच्चे पंजीकृत हैं। राजधानी भोपाल में 12,199 कम वजन वाले बच्चे हैं, जबकि इंदौर में 11,437 बच्चे कम वजन के हैं।