ब्रेकिंग
Rahul Gandhi on CEC: 'ज्ञानेश कुमार को जाना ही होगा, PM करवाएंगे इस्तीफा', CWC बैठक में राहुल गांधी ... 'मुसलमानों को निशाना बनाने की साजिश', धर्मवार आंकड़े मांगने पर भड़के ओवैसी Delhi Pollution GRAP 2026: सर्दियों से पहले CAQM का बड़ा फैसला, BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल गाड़ियो... चुनाव प्रक्रिया पर फिर उठे गंभीर सवाल: महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की चिट्ठी से मचा सियासी ... BJP State Incharges Meeting: बीजेपी मुख्यालय में 4 घंटे चली मैराथन बैठक, नितिन नबीन ने प्रभारियों को... Smriti Irani on Congress: हार की बौखलाहट में चुनाव आयोग पर हमला कर रही कांग्रेस, स्मृति ईरानी का तीख... Delhi Police Drug Bust: लेडी डॉन पार्वती के घर से सोना, नकदी और 4 संपत्तियों के कागजात जब्त; अंतरराज... Ketan Agarwal Murder Case: पुणे में रूह कंपाने वाली साजिश, 5,053 पन्नों की चार्जशीट में 'डेथ कैप मशर... Agra-Lucknow Expressway Accident: फिरोजाबाद में भीषण सड़क हादसा, इटावा DFO विकास नायक और उनके ड्राइव... Former IAS Divya Mittal: पूर्व IAS दिव्या मित्तल की राजनीति में एंट्री, बिना किसी दल के बनाएंगी अपना...

अग्रिम संपत्तिकर जमा किया, 531 कॉलोनियों के रहवासियों को बकायादार बता रहा निगम

इंदौर। वर्ष 2024-25 का संपत्तिकर अग्रिम जमा करने के बावजूद शहर की 531 कॉलोनियों के रहवासी नगर निगम रिकॉर्ड में बकायादार हैं। इन कॉलोनियों के रहवासियों को मैसेज भेजे जा रहे हैं कि वे 14 दिसंबर 2024 को आयोजित वर्ष की अंतिम राष्ट्रीय लोक अदालत में आएं और बकाया करों का भुगतान करें।

रहवासी समझ नहीं पा रहे कि जब उन्होंने कर का भुगतान अग्रिम में कर दिया है, तो फिर उन्हें बकायादार क्यों बताया जा रहा है। निगम की तरफ से बकाया भुगतान के लिए मैसेज क्यों भेजे जा रहे हैं। यह स्थिति पोर्टल को देरी से अपडेट करने की वजह से बनी है।

मई के अंतिम सप्ताह में नगर निगम ने कॉलोनियों के रेट जोन में बदलाव किया था। शहर की 531 कॉलोनियां इससे प्रभावित हुई थीं। इस बदलाव के चलते इन कॉलोनियों में संपत्तिकर में 10 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई थी, लेकिन निगम ने इस बदलाव को पोर्टल में अपडेट ही नहीं किया।

बिल के हिसाब से जमा कर दिया था

असर यह हुआ कि जब लोग अग्रिम कर जमा करने निगम कार्यालय पहुंचे तो उन्हें पुरानी दर के हिसाब से संपत्ति और जलकर के बिल थमा दिए गए। चूंकि 30 जून तक अग्रिम कर जमा करने पर छूट थी, लोगों ने बिल के हिसाब से कर जमा कर दिया।

अगले वर्ष पड़ेगा आर्थिक बोझ

पोर्टल अपडेट करने में हुई देरी का असर अगले वर्ष एडवांस में करों का भुगतान करने वालों पर ज्यादा पड़ेगा। जिन लोगों ने वर्ष 2024-25 का कर अग्रिम में जमा कराया था उन्हें अगले वर्ष 2025-26 के बढ़े हुए कर के साथ-साथ वर्ष 2024-25 का बकाया कर भी जमा करना होगा।