ब्रेकिंग
नोएडा के 12वें विशाल कांवड़ सेवा शिविर में पहुंचे Gauri Shiksha Foundation के चेयरमैन Mukesh Sharma राहुल गांधी की पोस्ट पर किरेन रिजिजू का पलटवार, कहा— "राहुल की सोच बदली, उम्मीद है महिला आरक्षण बिल ... पेट्रोल-डीजल के ताज़ा रेट जारी: दिल्ली, मुंबई से पटना तक जानें 8 अगस्त के दाम; क्रूड ऑयल पर ईरान-ओमा... जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ CIK का बड़ा एक्शन, सिम कार्ड दुरुपयोग और UAPA मामलों में कई जिलों ... कर्नाटक के कलबुर्गी में बाढ़ से बिगड़े हालात, उफनती कमलावती नदी में ट्रैक्टर पर शव ले जाकर हुआ अंतिम... बरेली में गजब कारनामा: संदिग्ध परिस्थितियों में गायब महिला दूसरे समुदाय के युवक के घर डबल बेड के नीच... कानपुर देहात में प्रेमी जोड़े को तालिबानी सजा: रस्सी से बांधकर लाठी-डंडों से पीटा, वीडियो वायरल होने ... यूपी में सियासी घमासान: "सपा गिरगिट की तरह रंग बदलती है"— मायावती और बृजेश पाठक का अखिलेश यादव पर ती... कांवड़ यात्रा नियम: सावन शिवरात्रि पर जल चढ़ाने के बाद भी रखें इन बातों का ध्यान, न करें ये गलतियां कश्मीरी विस्थापितों की वापसी पर संसदीय पैनल की रिपोर्ट: सुरक्षा व आजीविका के आकलन का निर्देश, मिलेगा...

क्या देश में न्यायालय की भूमिका खत्म हो गई है? छतरपुर में बुलडोजर कार्रवाई को लेकर दिग्विजय सिंह ने उठाए सवाल

भोपाल : मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में थाने पर पथराव के बाद मामले के मुख्य आरोपी और कांग्रेस के नेता हाजी शहजाद के मकान पर प्रशासन की बुलडोजर कारर्वाई को लेकर अब पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सवाल उठाते हुए खजुराहो सांसद और भारतीय जनता पार्टी प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा पर निशाना साधा है। दिग्विजय सिंह ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि वे छतरपुर में थाने पर पथराव का समर्थन नहीं करते, लेकिन इसके आरोप में हाजी शहजा़द अली का मकान जमींदोज़ करना, उनकी गाड़ियों पर बुलडोज़र चलाना और उसे गुनाहों का मुखिया घोषित करना भी संदेह पैदा करता है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता जिस घटना को पत्थरबाज़ी से जोड़ रहे हैं, स्थानीय कलेक्टर उसे अवैध निर्माण का मामला बता रहे हैं। प्रशासन और राजनीतिक लोगों के बयानों में विरोधाभास है।

इसी कड़ी में उन्होंने कहा,‘‘दूसरी तरफ कानूनी सवाल भी है कि किसी व्यक्ति का घर बिना प्रक्रियाओं का पालन किए कैसे तोड़ा गया? सबसे बड़े कोतवाल सांसद जी बनकर उभरे और तुरंत बयान दे दिया कि पत्थर फेंकनेवालों के साथ यही सलूक किया जाएगा और उन्हें नेस्तनाबूद कर देंगे। क्या देश में न्यायालय की भूमिका खत्म हो गई है? क्या स्थानीय पुलिस और सांसद ही कानूनी फैसले लेने के लिए नियुक्त कर दिए गए हैं।

इसके पहले कल इस मामले को लेकर कांग्रेस के ही विधायक आरिफ मसूद ने अपनी पार्टी के नेताओं को सवालों के घेरे में ले लिया था। उन्होंने कहा था कि छतरपुर में कांग्रेस के नेता पर बुलडोजर कारर्वाई को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता चुप क्यों हैं। उन्होंने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का नाम लेते हुए कहा कि एक समाज विशेष के कांग्रेस नेता पर अगर छतरपुर में कोई कार्रवाई की जा रही है तो कांग्रेस के प्रमुख नेता क्यों आवाज नहीं उठा रहे हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि इसी वजह से कांग्रेस की राज्य में स्थिति खराब होती जा रही है। इसके बाद विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस मामले में एक्स पर सवाल किए और देर रात दिग्विजय सिंह ने भी इस पर सवाल उठाए।

दरअसल ये पूरा मामला तीन दिन पहले छतरपुर में एक थाने पर भीड़ के हमले से जुड़ा है। जहां महाराष्ट्र में एक संत की ओर से की गई कथित टिप्पणी को लेकर मुस्लिम समुदाय के बहुत से लोग थाने पर ज्ञापन देने गए और इसी दौरान उनमें से कुछ लोगों ने थाने पर पथराव के साथ हमला कर दिया। इस हमले में थाना प्रभारी के अलावा तीन पुलिस कर्मचारी घायल हो गए। मामले की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने पुलिस को त्वरित कारर्वाई करने के निर्देश दिए थे। पुलिस ने इस संबंध में लगभग 150 उपद्रवियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करते हुए 20 लोगों को गिरफ्तार किया है। प्रशासन ने दो दिन पहले मुख्य आरोपी और कांग्रेस नेता हाजी शहजाद के छतरपुर स्थित महलनुमा मकान को ढहा दिया था। छतरपुर खजुराहो संसदीय क्षेत्र का ही हिस्सा है, जहां से वीडी शर्मा सांसद हैं।