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कभी देखा था ‘इंडिया आउट’ का सपना, अब भारत के गुण गा रहा ये मुस्लिम देश

कभी ‘इंडिया आउट’ का नारा देने वाले मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के सुर अब भारत के प्रति बदलते नजर आ रहे हैं. चीनी समर्थक कहे जाने वाले मुइज्जू अब भारत के गुण गाते नजर आ रहे हैं. शुक्रवार को देश की स्वतंत्रता की 59वीं वर्षगांठ पर एक समारोह में उन्होंने कहा कि देश के ऋण को चुकाने में चीन और भारत ने सबसे ज्यादा मदद की है. देश की कमजोर अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद के लिए मुइज्जू ने भारत और चीन का आभार व्यक्त किया है.

मुइज्जू ने कहा कि मालदीव के लोगों की ओर से अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और आर्थिक संप्रभुता को बनाए रखने के लिए मालदीव के लोगों की खातिर चीनी सरकार और भारत सरकार को धन्यवाद देता हूं. बता दें, मुइज्जू पिछले साल भारत विरोधी अभियान के तहत ही मालदीव की सत्ता में आए थे. उन्होंने भारत द्वारा दान किए गए हेलीकॉप्टर और डोर्नियर विमान चलाने वाले लगभग 80 भारतीय सैन्य कर्मियों को हटाने की मांग की थी. हालांकि अब मालदीव ने डोर्नियर विमान और दो हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल चिकित्सा निकासी सेवाओं के लिए फिर से शुरू कर दिया है. और इसके लिए भारत को धन्यवाद भी किया है.

चीन के साथ मालदीव ने अपने संबंधों को बढ़ाया

चीन ने अपनी ओर से मालदीव के साथ अपने संबंधों को बढ़ाया है. इस साल की शुरुआत में उन्होंने चीन का दौरा किया. इस दौरान दोनों देशों ने अपने संबंधों को लेकर रणनीतिक सहकारी साझेदारी को स्तर तक बढ़ाया और 20 समझौतों पर हस्ताक्षर किए. इसके बाद बीजिंग के साथ सैन्य सहायता समझौता किया गया. हालांकि इससे भारत को काफी परेशानी हुई क्योंकि मालदीव भारत का सबसे करीबी पड़ोसी है, और रणनीतिक रूप से हिंद महासागर में स्थित है.

मुइज्जू ने चीनी अनुसंधान जहाजों को भी मालदीव के जलक्षेत्र में आने की अनुमति दी, जिन्हें “जासूसी जहाज” माना जाता है, जबकि श्रीलंका ने उन पर एक वर्ष के लिए प्रतिबंध लगा दिया था. हालांकि बाद में मुइज्जू ने भारत के प्रति गर्मजोशी दिखाई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लिया.

आईएमएफ ने मालदीव को दी चेतावनी

मुइज्जू ने भारत द्वारा दी गई 400 करोड़ रुपये की सहायता की भी प्रशंसा की और मालदीव द्वारा भारत को दिए जाने वाले ऋण का पुनर्गठन करने की मांग की. भारत के प्रति मुइज्जू का ये स्वभाव इसलिए बदला है क्योंकि इस साल आईएमएफ ने मालदीव को चेतावनी दी अगर उसने नीतिगत बदलाव नहीं किए कर्ज को लेकर उन्हें जोखिम उठाना पड़ सकता है. मुइज्जू ने शुक्रवार की बैठक में कहा कि चीन ने पांच साल के लिए ऋण चुकौती स्थगित करने पर हरी झंडी दे दी है. जो मालदीव को श्रीलंका जैसी स्थिति में जाने से रोकने के लिए एक बड़ी राहत है.