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फिलिस्तीन पर सऊदी अरब ने इजराइल को दिया बड़ा झटका

इजराइल और हमास के बीच छिड़ी युद्ध की चिंगारी पूरे गाजा में फैल गई है. जिसके चलते अब तक कई लोगों की मौत हो चुकी हैं, कई घायल हैं और हजारों लोग अपने घरों को छोड़ने पर मजबूर हैं. इजराइल और गाजा के बीच पिछले साल से छिड़े युद्ध के चलते सऊदी अरब, अमेरिका, कतर, मिस्र समेत कई देश युद्धविराम का समर्थन कर रहे हैं.

अभी तक दोनों देशों के बीच युद्धविराम के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं. इजराइल के लगातार गाजा पर हो रहे हमलों के चलते शुक्रवार को इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आईसीजे) ने एक आदेश जारी किया. आईसीजे ने फैसला सुनाया कि फिलिस्तीनी क्षेत्र में इजराइल का लगातार रहना गैरकानूनी है और इसे “जितनी जल्दी संभव हो” समाप्त किया जाना चाहिए.

सऊदी अरब ने क्या कहा

अब सऊदी अरब ने भी आईसीजे के इस फैसले का समर्थन किया है. सऊदी के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि किंगडम ने आईसीजे की राय का समर्थन किया है. साथ ही मंत्रालय ने कहा कि सऊदी फिलिस्तीन के मुद्दे के उचित समाधान तक पहुंचने के लिए कदम उठाने की बात कर रहा है.

MWL ने भी किया स्पोर्ट

सऊदी के मुस्लिम वर्ल्ड लीग (एमडब्ल्यूएल) ने आईसीजे के इस फैसले का समर्थन किया है और कहा कि यह फैसला फिलिस्तीनी लोगों के मुद्दों का उचित समाधान तक पहुंचने का एक बेहतर कदम है. एमडब्ल्यूएल के महासचिव मोहम्मद बिन अब्दुलकरीम अल-इस्सा, जो एसोसिएशन ऑफ मुस्लिम स्कॉलर्स के अध्यक्ष भी हैं, ने कहा कि यह निर्णय सुनिश्चित करता है कि फिलिस्तीनियों को अपना स्वतंत्र राज्य स्थापित करने का अधिकार दिया जाए. साथ ही उन्होंने कहा कि अरब शांति के साथ है.

कोर्ट ने क्या कहा

कोर्ट पैनल ने शुक्रवार को इजराइल और हमास के बीच चल रहे लंबे युद्ध के चलते यह फैसला सुनाया. कोर्ट ने पाया कि “इजराइल ने जिन फिलिस्तीनियों का स्थानांतरण करवाया है, उन लोगों से वेस्ट बैंक और यरूशलेम से किसी और जगह जाने को कहा, साथ ही इजराइल अभी भी गाजा में मौजूद है और यह सब चौथे जिनेवा कन्वेंशन के अनुच्छेद 49 के खिलाफ है. हालांकि आईसीजे का यह फैसला इजराइल और हमास के बीच पिछले साल 7 अक्तूबर से छिड़े युद्ध के चलते सामने आया है.

‘फिलिस्तीन बने स्वतंत्र राज्य’

इजराइल ने 1967 में वेस्ट बैंक, गाजा पट्टी और पूर्वी येरुशलम पर कब्जा कर लिया था. सऊदी कैबिनेट ने मंगलवार को गाजा में हमास के साथ इजराइल की लड़ाई के बीच फिलिस्तीनी लोगों के खिलाफ “निरंतर नरसंहार” की निंदा की. साथ ही सऊदी अरब ने फिलिस्तीन को स्वतंत्र राज्य बनाने का प्रस्ताव रखा. उन्होंने कहा किंगडम फिलिस्तीनी लोगों के लिए 1967 की सीमाओं को शामिल करते हुए एक स्वतंत्र राज्य चाहता है.