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पैसों के लिए फर्जी नंबर प्लेट लगाकर दिन में कार गिरवी रखकर रात में चुरा लेते थे, पुलिस ने किया गिरफ्तार

ग्वालियर। शहर में पैसे की जरूरत के नाम पर कार गिरवी रख कर पैसे लेने और बाद में उसी कार को चाेरी करने वाले एक गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। इस गिरोह के दो लोगों को पुलिस ने हिरासत में भी ले लिया है। शातिर चोरों का तरीका भी ऐसा कि गिरवी रखने से पहले वह कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगा देते थे जिससे उस कार को पकड़ा न जा सके। इस मामले का भांडाफोड़ होने के बाद पुलिस ने पकड़े गए आरोपितों से पूछताछ कर उसके बाकी के साथियों की तलाश शुरू कर दी है।

भितरवार सिद्धपुरा के रहने वाले धर्मेन्द्र जाटव के पास बीते रोज मालनपुर भिंड के रहने वाले दो युवक पैसे की मांग को लेकर पहुंचे । युवकाें का नाम पुष्पेन्द्र जाटव और जितेन्द्र जाटव था। धर्मेंद्र के पास पहुंचे उन युवकों ने कहा कि उनको पैसे की जरूरत है और इसके लिए वो अपनी कार गिरवी रख देंगे। छह महीने में पैसों का इंतजाम हो जाएगा तो पैसे चुका कर कार वापस ले जाएंगे।

धर्मेन्द्र को यह सौदा पसंद आ गया और उसने कार गिरवी रखकर दोनों युवकों को 3 लाख 90 हजार रुपए उधार दे दिए। ऐसा नहीं है कि सिर्फ बातों बातों में सौदा हुआ हो , इस पूरे सौदे की बकायदा लिखापढ़ी भी हुई थी। इस सौदे के बाद उसी रात को वह कार चोरी हो गई । चाेरी करते हुए युवकों को धर्मेन्द्र के भाई ने देख लिया तब पता चला कि जितेन्द्र व पुष्पेन्द्र ने की कार चोरी ही है।

घर के सामने से चुराई थी कार

पूरे सौदे के बाद धर्मेन्द्र कार को अपने घर ले आया और दरवाजे के पास खड़ी कर दी । देर रात को कार की लाइट जलने पर पास वाले कमरे में सो रहे धर्मेन्द्र के भाई की नींद खुल गई। उसने उठकर देखा तो पता चला कि कोई कार चोरी करके भाग रहा है। चोरों को पकडऩे के लिए धर्मेन्द्र के भाई ने प्रयास किए पर वह सफल नहीं हो सका लेकिन भागते हुए पुष्पेन्द्र व जितेन्द्र को देख कर पहचान लिया ।

पहले भी कर चुके हैं वारदात

गिरोह ने पकड़े जाने पर उसने खुलासा किया वह भितरवार से पहले झांसी रोड थाना क्षेत्र, घाटीगांव और शिवपुरी में भी ऐसी वारदात को अंजाम देते थे जिसमें वह मोटर साइकिल गिरवी रखकर चोरी करते थे।