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राजस्थान: न सीमेंट न पत्थर CM के लिए तैयार हुआ गोबर का हेलीपैड, 15 महिलाएं अपने हाथों से बना रहीं

राजस्थान में भारत-पाकिस्तान सीमा पर बसे बाड़मेर में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आगामी दो जून को गोबर से बने हेलीपैड पर अपना हेलीकॉप्टर लैंड करेंगे। मुख्यमंत्री की यात्रा को देखते हुए बाड़मेर जिला प्रशासन ने जिला मुख्यालय पर गोबर से अनूठा हेलीपैड बनाया है। गत एक सप्ताह से बाड़मेर के संजय स्टेडियम में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के हेलीकॉप्टर को लैंड करवाने के लिए खास अस्थायी हेलीपैड तैयार करवाया जा रहा है। बाड़मेर जिला प्रशासन के निर्देशों पर सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा इस हेलीपैड का निर्माण करवाया जा रहा है।

ग्रेवल से हेलीपैड के निर्माण के बाद गोबर के लेप से इस हेलीपेड को 15 के करीब महिलाएं अपने हाथों से बना रही हैं। देर रात तक इसके पूरी तरह से तैयार होने की उम्मीद है। सार्वजनिक निर्माण विभाग के आला अधिकारियों द्वारा हेलीपैड निर्माण की चौबीस घण्टे मॉनिटरिंग की जा रही है। मुख्यमंत्री के लिए बनाए जा रहे अस्थाई हेलीपैड के लिए किसी भी तरह की कंक्रीट या सीमेंट का उपयोग नहीं किया गया है। गेंहू की मजदूर सुमेरी देवी बताती है सुबह 7 बजे से हेलीपैड को बनाने का काम किया जा रहा है।

करीब 15 महिलाएं और 6 पुरुषों ने मिलकर यह हेलीपैड तैयार किया है। वह बताती है लगातार चौथी बार वह हेलीपैड बनाने का काम किया है। इसमे गोबर,मिट्टी व पानी मिलाकर गीला पेस्ट तैयार किया जाता है. इसके बाद हाथो से इसकी निपाई की जाती है। मां जोग कंस्ट्रक्शन कंपनी के भंवर सिंह बताते है कि गोबर की निपाई होने से हेलीकॉप्टर लैंड करते समय रेत का गुब्बार नहीं उड़ेगा। रेगिस्तानी इलाका होंने के कारण यहां गोबर से हेलीपैड बनाया जा रहा है। वह बताता है कि अब तक करीब डेढ़ दर्जन ऐसे हेलीपैड का निर्माण करवा चुके है।